सिन्हा के सपोर्ट में कई विपक्षी दल
इससे एक बात और साफ हो गई है कि तृणमूल कांग्रेस जल्द ही जुलाई में होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा की घोषणा कर सकती है। यशवंत सिन्हा के ट्वीट से पहले ही तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कोलकाता में कहा था कि कुछ विपक्षी दलों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का संयुक्त उम्मीदवार बनाने का सुझाव दिया है। TMC के एक नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को इस तरह के फोन आए और वह भी सिन्हा को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रही हैं।
यशवंत सिन्हा अब TMC नेता हैं। इसलिए, हम कोई भ्रम नहीं चाहते हैं कि प्रस्ताव हमारी ओर से किया गया गया है। उनके नाम पर तीन से चार पार्टियां सहमत हो चुकी हैं। अब अन्य दलों को फैसला करने दें।
TMC के एक वरिष्ठ नेता
फारुक, पवार, गांधी ने कहा No
सिन्हा के नाम पर अगर आम राय बनती है तो विपक्ष के लिए यह राहत की बात हो सकती है। इससे पहले राष्ट्रपति पद के लिए तीन संभावित उम्मीदवार खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। 18 जुलाई को चुनाव होना है। नाम तय करने को लेकर आज दोपहर दिल्ली में फिर से बैठक होने वाली है। NCP के अध्यक्ष शरद पवार और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के इनकार के बाद सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी ने भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए विपक्षी दलों के नेताओं के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। BJP के खिलाफ गठजोड़ को और मजबूत करने की उम्मीद के साथ पवार आज 17 विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
वित्त और विदेश मंत्री रहे हैं सिन्हा
यशवंत सिन्हा दो बार केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके है। पहली बार वह 1990 में चंद्रशेखर की सरकार में और फिर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री थे। वह वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री भी रहे।
भाजपा भी 18 जुलाई को होने वाले 16वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA उम्मीदवार के बारे में चुप्पी साधे हुए है। चुनाव के नतीजे 21 जुलाई को घोषित किए जाएंगे।
राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त होगा और उनके उत्तराधिकारी अगले दिन पदभार ग्रहण करेंगे।