नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने नीट-पीजी 2022-23 (NEET PG 2022-23) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए आठ लाख रुपये की आय का मापदंड लागू करने पर स्पष्टीकरण का अनुरोध करने वाली याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि यह विषय उसके संज्ञान में है और जो कुछ वह फैसला करेगा वही लागू किया जाएगा।
न्यायामूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने कहा, ‘‘हमने अगले अकादमिक वर्ष के लिए ईडब्ल्यूएस अर्हता निर्धारित करने की प्रक्रिया स्थगित नहीं की है। हमने कहा है कि ईडब्ल्यूएस कोटा हमारे आदेश के मुताबिक होगा। हमने विषय का निस्तारण मार्च में करने के लिए इसे अपने पास रखा है। प्रक्रिया नहीं रूकेगी। हम जो कुछ फैसला करेंगे, लागू करेंगे। ’’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया नहीं रोकी जा सकती है। जो भी हम तय करेंगे वह 2022-23 नीट पीजी के लिए लागू होगा। न्यायालय ने वरूण दीपभाई भट्ट और अन्य की रिट याचिका (Writ Petition) स्वीकार की है लेकिन लंबित विषय में हस्तक्षेप याचिका दायर करने की छूट दी है। छात्रों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दतार ने कहा कि उन्हें ईडब्ल्यूएस अर्हता को लागू किये जा सकने पर स्पष्टीकरण की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र ने ईडब्ल्यूएस निर्धारित करने की अर्हता की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय एक समिति गठित की थी। समिति ने पिछले साल 31 दिसंबर को केंद्र को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में कहा था, ‘‘ईडब्ल्यूएस के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा आठ लाख रुपये या इससे कम को कायम रखा जा सकता है। ’’ केंद्र ने कहा था कि उसने समिति की सिफारिश स्वीकार करने का फैसला किया है।